बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों की साझेदारी को लेकर खींचतान अब अपने आखिरी दौर में है। एनडीए पहले ही रविवार को सीट शेयरिंग का ऐलान कर चुका है, और अब सबकी नजर महागठबंधन पर टिकी है। पटना से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल तेज है।
दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी (CEC) की बैठक चल रही है। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल जैसे शीर्ष नेता मौजूद हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम भी दिल्ली में हैं। बैठक में सीट बंटवारे के साथ-साथ उम्मीदवारों की पहली सूची पर चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी के बीच अंतिम बातचीत के बाद सीट शेयरिंग की घोषणा दिल्ली से ही की जा सकती है।
इधर, लेफ्ट पार्टियों ने सीटों पर अपने उम्मीदवारों को सिंबल देना शुरू कर दिया है। घोसी से रामबली यादव, तरारी से मदन सिंह चंद्रवंशी, आरा से क्यामुद्दीन अंसारी और अगियांव से शिव प्रकाश रंजन को टिकट दिया गया है। सबसे ज्यादा चर्चा दीघा सीट की है, जहां से अभिनेता सुशांत सिंह की बहन दिव्या गौतम को माले ने उम्मीदवार बनाया है।
वहीं वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी को भी दिल्ली बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, राजद ने उन्हें 18 सीटों का ऑफर दिया है। इनमें से 10 सीटों पर राजद अपने उम्मीदवार उतारेगा, जो वीआईपी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि बाकी 8 सीटों पर सहनी अपने लोगों को मैदान में उतार सकेंगे। राजद ने साफ कहा है कि अगर सहनी गठबंधन में रहना चाहते हैं तो इसी शर्त पर चुनाव लड़ना होगा।
राजद ने नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पार्टी के उम्मीदवारों को निर्देश मिला है कि जिन सीटों पर विवाद नहीं है, वहां तुरंत नामांकन करें। बताया जा रहा है कि बैठक खत्म होने के बाद लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी पटना लौटेंगे। शाम तक तेजस्वी अपने पोलो रोड स्थित आवास पर पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने वाले हैं।
दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बना ली है। सीट बंटवारे में देर को देखते हुए पार्टी ने 76 संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है। आज की सीईसी बैठक में इस पर मुहर लगने के बाद, कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को “सशर्त नामांकन” की अनुमति दे सकती है। मतलब यह कि अगर सीटों पर बाद में समझौता हो गया और वह सीट कांग्रेस के खाते में नहीं आई, तो उम्मीदवार को नामांकन वापस लेना होगा। चूंकि पहले चरण के नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है, इसलिए पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
नेताओं के बयान भी माहौल को दिलचस्प बना रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि “एनडीए ने सीट शेयरिंग कर ली, हमारी भी सोमवार तक हो जाएगी। कोई दिक्कत नहीं है।” वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम बोले कि “हम दिल्ली जा रहे हैं, राहुल गांधी और खड़गे जी से मुलाकात कर सीटों की घोषणा करेंगे।”
लालू यादव ने बातचीत जारी रहने की बात कही, जबकि तेजस्वी यादव ने दिल्ली आने के सवाल पर यह कहकर बात टाल दी कि वह कोर्ट में पेशी के लिए आए हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में सभी को पता है कि सीट शेयरिंग का मसला अब दिल्ली के स्तर पर सुलझने वाला है।
कुल मिलाकर, महागठबंधन में सहमति की तस्वीर अब धीरे-धीरे साफ होती दिख रही है। लेफ्ट ने अपने उम्मीदवार तय कर दिए हैं, वीआईपी को ऑफर मिल चुका है और कांग्रेस अपनी सूची पर फाइनल चर्चा कर रही है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक चला, तो सोमवार शाम तक सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान हो सकता है। बिहार की सियासत एक बार फिर गरम है, और सबकी नजर अब इस बात पर है कि आखिर कौन कितनी सीटों पर समझौता करता है और किसके खाते में कौन सी अहम सीटें जाती हैं।