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Bihar Election 2025: NDA Seat Sharing- BJP–JDU 101-101 सीटों पर लड़ेंगी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सीट शेयरिंग का ऐलान कर दिया है। इस बार बीजेपी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) बराबर-बराबर यानी 101-101 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेंगी। वहीं चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) [LJP(R)] को 29 सीटें दी गई हैं।
इसके अलावा जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLM) को 6-6 सीटों पर मौका मिला है।

मांझी बोले – “मैं संतुष्ट हूं”

सीट बंटवारे की घोषणा से पहले जीतन राम मांझी लगातार 40 सीटों की मांग कर रहे थे। लेकिन अंततः उन्हें 6 सीटें दी गईं। मीडिया से बात करते हुए मांझी ने कहा, “हमें गठबंधन की मजबूती के लिए जो जिम्मेदारी मिली है, उससे हम पूरी तरह संतुष्ट हैं।”
सूत्रों के मुताबिक, मांझी की पार्टी को गया जिले की टेकारी, अतरी, इमामगंज, बराचट्टी, सासाराम की कुटुंबा और जमुई की सिकंदरा विधानसभा सीटें मिली हैं। माना जा रहा है कि मांझी अपने परंपरागत दलित-बहुल इलाकों में एनडीए के लिए मजबूती का काम करेंगे।

अब BJP और JDU बने ‘बराबर के भाई’

एनडीए के भीतर यह पहली बार है जब बिहार में बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। 2005 से लेकर 2020 तक के चार विधानसभा चुनावों में हमेशा जेडीयू ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रही थी और ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ा करती थी।
हालांकि इस बार सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। अब दोनों दल 101-101 सीटों पर लड़ेंगे, जिसे राजनीतिक विश्लेषक “बराबरी की साझेदारी” कह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, यह फैसला शीर्ष नेतृत्व की लंबी बैठकों और आपसी सहमति के बाद लिया गया है, ताकि गठबंधन में किसी तरह की अंदरूनी नाराज़गी न रहे।

भास्कर की रिपोर्ट पर लगी मुहर

दिलचस्प बात यह है कि दैनिक भास्कर ने करीब एक महीने पहले ही यह रिपोर्ट दी थी कि बीजेपी 101 और जेडीयू 102 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 40 सीटों का बंटवारा सहयोगी दलों—चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी—के बीच होगा।
आज एनडीए की आधिकारिक घोषणा ने इस खबर की पुष्टि कर दी है, जिससे यह साफ है कि गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पिछले कई हफ्तों से गहन मंथन चल रहा था।

चिराग पासवान को 29 सीटें, युवाओं पर फोकस

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को इस बार 29 सीटें मिली हैं। चिराग को उम्मीद है कि वे युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर पाएंगे। उनकी पार्टी राज्य के उन इलाकों में उम्मीदवार उतारेगी, जहां एनडीए की स्थिति पहले कमजोर रही है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि चिराग पासवान की एंट्री इस बार एनडीए के लिए ‘एजाइल कैंपेन’ का हिस्सा है, जो युवा चेहरे और विकास के मुद्दे पर केंद्रित रहेगा।

पिछले चुनावों का समीकरण

2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 110 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और 74 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं जेडीयू ने 115 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 43 सीटों पर सफलता मिली थी। उस वक्त भी एनडीए की अंदरूनी राजनीति में सीट बंटवारे का मुद्दा चर्चा का विषय रहा था।
इस बार दोनों दलों ने बराबर सीटों पर लड़कर संदेश देने की कोशिश की है कि गठबंधन में किसी तरह का वर्चस्व नहीं रहेगा और सबको समान सम्मान मिलेगा।

बदलते समीकरणों के बीच NDA का लक्ष्य

एनडीए का उद्देश्य इस बार पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करना है। बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा इस समय राज्य के लगभग हर जिले में मजबूत है, जबकि जेडीयू का फोकस ग्रामीण और अति-पिछड़ा वर्ग के वोटरों पर रहेगा।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नीतीश कुमार और बीजेपी नेतृत्व दोनों चाहते हैं कि सीट बंटवारे से कोई असंतोष पैदा न हो और 2025 के चुनाव में गठबंधन एकजुट होकर मैदान में उतरे।


सीट बंटवारे की यह घोषणा बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत मानी जा रही है। अब जब बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर उतर रही हैं, तो मुकाबला न सिर्फ विपक्षी गठबंधन से होगा, बल्कि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि एनडीए के अंदर यह नई बराबरी कितनी देर तक बनी रहती है।

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