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Bihar Assembly Election 2025 Candidates: जानिए किसने कहां से उतारे उम्मीदवार | Latest Political Update

Bihar Assembly Election 2025 Candidates list release

Table of Contents

  1. Bihar Assembly Election 2025 Candidates की स्थिति

  2. INDIA गठबंधन में फूट और अंदरूनी खींचतान

  3. NDA में बदलते समीकरण

  4. महिलाओं और समुदायों को मिले टिकट

  5. इस बार का चुनाव क्यों खास है?

Bihar Assembly Election 2025 Candidates की स्थिति

Bihar Assembly Election 2025 Candidates की नामांकन प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। इस बार का चुनाव कई वजहों से चर्चा में है — पहली बार न तो NDA और न ही INDIA गठबंधन ने अपना मुख्यमंत्री चेहरा (CM face) घोषित किया है।
राजनीतिक गलियारों में यह बड़ा संकेत माना जा रहा है कि दोनों तरफ रणनीति पूरी तरह बदल चुकी है।

चुनाव आयोग के अनुसार, कुल 1,314 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 300 से ज्यादा के पर्चे खारिज हुए और 61 ने नाम वापस ले लिए। पहले फेज की 121 सीटों पर 6 नवंबर और दूसरे फेज की 122 सीटों पर 11 नवंबर को वोटिंग होगी।

INDIA गठबंधन में फूट और अंदरूनी खींचतान

INDIA गठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर जबरदस्त खींचतान रही। RJD ने 143 उम्मीदवारों की लिस्ट नॉमिनेशन के आखिरी दिन, यानी 20 अक्टूबर को शाम में जारी की।
कांग्रेस को 61, CPI(ML) को 20, CPI को 9 और CPM को 6 सीटें मिलीं।
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को 15 सीटें दी गईं, लेकिन RJD के दो उम्मीदवार उन्हीं सीटों पर उतर आए — यानी 12 जगह एक-दूसरे के खिलाफ लड़ाई है!

📎 Internal link suggestion: RJD Candidate List 2025
🔗 External link suggestion: Election Commission of India

NDA में बदलते समीकरण

NDA की तरफ से BJP अब भी सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन JDU की सीटें कम हुईं, ताकि दोनों में संतुलन बना रहे।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें मिलीं, और HAM तथा RLM भी NDA का हिस्सा हैं।
वहीं, VIP के INDIA गठबंधन में जाने से निषाद वोटों पर असर पड़ने की संभावना है।
20 साल की सत्ता के बाद NDA अब anti-incumbency का सामना कर रहा है, और विपक्ष की फूट से उसे कुछ राहत मिल सकती है।

महिलाओं और समुदायों को मिले टिकट

इस बार महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा में है।

समुदायवार बात करें तो RJD ने 51 यादव, 19 मुसलमान, 14 सवर्ण और 11 कुशवाहा उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
2020 में जहाँ RJD ने 58 यादव उम्मीदवार उतारे थे, वहीं इस बार उसने कुशवाहा और अल्पसंख्यक समुदाय पर खास फोकस किया है।

इस बार का चुनाव क्यों खास है?

इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव कई वजहों से खास है —

  1. पहली बार किसी भी गठबंधन ने CM face घोषित नहीं किया।

  2. INDIA गठबंधन में 254 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि सीटें 243 ही हैं।

  3. 74 राजनीतिक दल मैदान में हैं — यानी प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज़्यादा कड़ी है।

  4. जन सुराज पार्टी (प्रशांत किशोर) और AAP सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं।

  5. महिलाओं और समुदायों को दिए गए टिकटों से सामाजिक समीकरण भी दिलचस्प हो गए हैं।

Bihar Assembly Election 2025 Candidates की जंग इस बार पूरी तरह अलग है।
INDIA गठबंधन में अंदरूनी मतभेद और NDA में रणनीतिक फेरबदल दोनों ही चुनाव को अनिश्चित बना रहे हैं।
आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता इस नए राजनीतिक समीकरण को कैसे देखती है —
क्या बदलाव की बयार चलेगी या 20 साल पुरानी सत्ता फिर एक बार वापसी करेगी?

 

Bihar Assembly Election 2025 Candidates की जंग इस बार पूरी तरह अलग और अप्रत्याशित है।
जहां एक तरफ INDIA गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर लगातार मतभेद और नाराजगी देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ NDA भी अपने अंदर नए समीकरणों की तलाश में है।
दोनों ही खेमों में कोई भी पार्टी खुलकर मुख्यमंत्री चेहरे (CM Face) का ऐलान नहीं कर पाई — और यही इस चुनाव को सबसे ज़्यादा दिलचस्प बना रहा है।

RJD और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चली लंबी खींचतान ने विपक्ष की एकता पर सवाल खड़े किए हैं।
RJD भले सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी हो, लेकिन उसके भीतर भी असंतोष और बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं।
वहीं कांग्रेस के भीतर भी कई पुराने नेताओं ने टिकट वितरण पर नाराजगी जताई है।
इन सबके बीच VIP जैसी छोटी पार्टियाँ भी अपनी भूमिका तलाश रही हैं, जो कई सीटों पर समीकरण बिगाड़ सकती हैं।

दूसरी ओर NDA कैंप में भाजपा अब भी मजबूत स्थिति में दिख रही है, लेकिन JDU की कमजोर होती पकड़ और लोजपा (रामविलास) में बगावत ने गठबंधन की एकता को झटका दिया है।
20 साल से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद NDA के सामने अब anti-incumbency की बड़ी चुनौती है।
सरकारी योजनाओं के बावजूद बेरोज़गारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दे जनता के मूड को बदल सकते हैं।

इस बार का मुकाबला सिर्फ वोटों का नहीं, बल्कि भरोसे और नेतृत्व का भी है।
बिहार की जनता अब ज्यादा जागरूक, सोशल मीडिया पर सक्रिय और राजनीति के हर कदम पर नज़र रखती है।
ऐसे में यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या बदलाव की बयार उठेगी या पुराने अनुभव और स्थिरता का भरोसा NDA को फिर सत्ता में वापस ले आएगा।
जो भी हो, एक बात तय है — Bihar Assembly Election 2025 Candidates के बीच यह जंग बिहार की राजनीति को नई दिशा देने वाली साबित होगी।

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